About kaam karta hai.”
मैया गुफ्फा की आज्ञा मन रिद्धि सिद्धि देवी आन
जप शुरु करने से पहले अपनी रक्षा अवश्य करें।
साधना समय में जिस मंत्र का जप कर रहें हों, उस मंत्र के देवता की प्रतिमा या फोटो अवश्य सामने स्थापित करें।
तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें।
जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि से बचें।
मंत्र नियम : मंत्र-साधना में विशेष ध्यान देने वाली बात है- मंत्र का सही उच्चारण। दूसरी बात जिस मंत्र का जप अथवा अनुष्ठान करना है, उसका अर्घ्य पहले से लेना चाहिए। मंत्र सिद्धि के लिए आवश्यक है कि मंत्र को गुप्त रखा जाए। प्रतिदिन के जप से ही सिद्धि होती है। किसी विशिष्ट सिद्धि के लिए सूर्य अथवा चंद्रग्रहण के समय किसी भी नदी में खड़े होकर जप करना चाहिए। इसमें किया गया जप शीघ्र लाभदायक होता है। जप का दशांश हवन करना चाहिए और ब्राह्मणों या गरीबों को भोजन कराना चाहिए।
रोग निवारण: शाबर मंत्रों का उपयोग भूत-प्रेत बाधा, मानसिक तनाव, और शारीरिक रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है।
मंत्र सिद्ध होने पर क्या होता है : मंत्र से किसी देवी या देवता को साधा जाता है, मंत्र से किसी भूत या पिशाच को भी साधा जाता है और मंत्र से किसी यक्षिणी और यक्ष को भी साधा जाता है। मंत्र जब सिद्ध हो जाता है तो उक्त मंत्र को मात्र तीन बार पढ़ने पर संबंधित मंत्र से जुड़े देवी, देवता या अन्य कोई आपकी मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं।
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हिंदू धर्म के पहले दुनिया में ना तो कोई धर्म था ना ही कोई मजहब था
इस मंत्र की खासियत ये हे की इस मंत्र को सिद्ध करके आप किसी कन्या के कान में मंत्र फूककर उसीसे सारे सवाल का जवाब ले सकते हे अगर किसी पर काला जादू हुआ हे या किया कराया हे तो आपको ये सिद्धि बहुत फलदायी साबित होती हे,ये शाबर मंत्र साधना here हे और बहुत ही उपयोगी साधना हे जो लोग गद्दी लगाते हे और दुसरे के दुःख को दूर करते हे उस व्यक्ति को ये सिद्धि अवश्य करनी चाहिए,
ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।
साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें।
भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।